आशिक़ | TR, Kavita Sabhu | Lyrics

हरियान्वी एल्बम के न्यू सॉन्ग में आवाज टी.आर और कविता सभु ने दी हैं। आशिक़ गाने के बोल विक्की पंछी ने तैयार किए हैं जबकि म्यूज़िक टी.आर ने दिया हैं।संजय महरिया और अंशु राणा ने इस गाने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। इस गाने के निर्देशक राज गुज्जर हैं।

गौरी के कंगन की खनखन ने प्रेमी का दिल लूट लिया हैं और आँखों इशारो ने उसे गौरी का दीवाना बना दिया हैं। उसके दिल में जो सारी बाते हैं वो प्रेमिका को बताना चाहता हैं लेकिन उसे कुछ कह नहीं पाता हैं और गौरी के प्यार में तो कई आशिक पहले से ही हैं जो उसके चक्कर में अपना काम काज छोड़कर उसके आगे पीछे घूमते रहते हैं।

Aashiq Song Lyrics

तेरे हाथा के ये कंगन रे करे सै इशारे मैंने
तू दिल पे बनाले जागी भीतर की ज्यु कहदू तने
रे मैंने तेरी रे फिगर मेरा तड़पे रे जिगर
तेरे बारे में सोचु रातभर

मेरा जोबन बलती अंगठी मेरे नैन चलावे तीर
मेरी खटक में ये आशिक हो गये फ़क़ीर
वे तो चिमटे बजावे गीत प्यार आले गावे
मेरे हाथ की खाना चहावे खीर

साड़ी बनारस की ल्यादु तने देखे नाटे मतना हूर मैंने
एक नजर में दिल का शीशा कर दिया चकना चूर तने
ओ तेरी टुम घड़ादू हार सोने का मैं ल्यादु जे बनाले भरतार मैंने

मेरे प्यार में होके जोगी मरजागा नाम रट रटके
तेरे वरगे कितने मजनू मरगे मेरे पे कट कटके
दूर मेरे ते होजा क्यों सपना में खोग्या तेरी आंख्या ते टपके नीर

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