छोरी बुरखे आळी | Sandeep Gill | Lyrics

एस.के.वाय कोहली और सोनिका सिंह अभिनीत हरियानवी गाने का निर्देशन एस.के.वाय ब्रदर्स ने किया हैं। छोरी बुरखे आळी सॉन्ग में आवाज संदीप गिल ने दी हैं। गीत के बोल सुधीर गुज्जर ने लिखे हैं। टी.आर और गौरव ने गाने का म्यूजिक कम्पोज किया हैं।

एक छेल छबीली शहर की लड़की ने देशी जमींदार का दिल लूटा लिया हैं और उसके नैन नशीलो ने उसका दिल घायल कर दिया हैं। उसके गोरे गोरे गाल और होठो पर लाली लगाए हुए जमींदार को बड़ी ही प्यारी लग रही हैं। उसकी मस्त अदाओ का आशिक दीवाना हो गया हैं और उसका चेहरा देखने के लिए वो तरस रहा हैं।

Chhori Burkhe Aali Song Lyrics

तेरे नैन नशीले बैरण गाला पे लाली सै
जमींदार ने लूटके लेगी छोरी बुरखे आळी रे

या छाती काड के चाले ढुंगे मटकावेती
लागे ती माल का सुता बैरण के के खावती
वा शहर की छेल छबीली मैं देशी हाली रे
जमींदार ने लूटके लेगी छोरी बुरखे आळी रे

रे फीका चाँद करे ते तू लागे परिया वरगी
तेरी मस्त अदा मरजाणी मेरा माइंड हैंग करगी
कदे तो मिलके प्यादे होठो की प्याली रे

कद बुरखा तार दिखावेगी तू रूप यो गोरा रे
तेरे बुरखे ने यो मार दिया हाय देशी छोरा रे
सुधीर गुर्जर बड़े गांव के बणिये प्याली रे
जमींदार ने लूटके लेगी छोरी बुरखे आळी रे

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