दो धारी तलवार | Tarun Panchal | Lyrics

हरियान्वी एल्बम का दो धारी तलवार, जो की एक मजेदार सॉन्ग हैं, इसमे आवाज तरुण पांचल ने दी हैं। गाने के बोल उपेंद्र शर्मा ने तैयार किए हैं जबकि म्यूज़िक टी.आर पानीपत ने दिया हैं। लकी पंडित और शिवानी ने इस गाने में अपनी अहम भूमिका निभाई हैं।

गौरी के रूप रंग की चर्चा सारे में हो रही हैं और वो आशिको को बेमिसाल लग रही हैं। उसके हुस्न के आशिक दीवाने हैं और दूध से भी गौरा उसका बदन हैं। उसकी चढ़ती जवानी को देखकर गांव सारे आशिक उसके आगे पीछे घूमते रहते है लेकिन गौरी के मन में तो कोई और ही समा रखा हैं। जब भी गौरी अपनी छत पर जाती हैं उसे देखने के लिए लडको को लाइन लग जाती हैं।

Do Dhari Talvar Song Lyrics

ओ सारे गाँव के मे चर्चा होरी तूही बेमिसाल से
तेरा हुस्न यो सोने का तू दो धारी तलवार से

तू बचके रहिए छोरे मैं हूस्ना की सरकार सू
ना रहू म्यान मैं तेरे मैं दो धारी तलवार सू

तू क़ति फूलती आवे गौरी दिल ये मेरा होगया चोरी
जब तू पानी लेवन आवे मैने देखे चोरी चोरी
रे तू मान या ना मान पर तू सौदा आर-पार से
तेरा हुस्न यो सोने का तू दो धारी तलवार से

मैं पढ़न बैठू छत पे तेरा बंदर बरगा मुँह दिखे
तू नया नया आशिक पागल लागे प्यार करना तू सीखे
योना सोचे छोरे की छोरी मैं गँवार सू
ना रहू म्यान मैं तेरे मैं दो धारी तलवार सू

इतनी सुथरी तेरी काया कीकर से यो समाज नी आया
माने तो मेंटल करगी तू राम ही जाने तेरी माया
जिसमे तू ना आवे वो कौनसा एतबार से
तेरा हुस्न यो सोने का तू दो धारी तलवार से

उपेंद्र शर्मा मैं जानी तू करिया से हंगाई
वोही से मेरे दिल का टुकड़ा उसका ही मैं प्यार सू
ना रहू म्यान मैं तेरे मैं दो धारी तलवार सू