घने गजब की छोरी | Mohit Sharma | Lyrics

मोहित शर्मा की आवाज़ में घने गजब की छोरी हरियानवी गीत एन.डी.जे म्यूजिक में प्रस्तुत़ हुआ हैं। इस गीत के बोल विनोद गादली ने लिखे हैं और म्यूज़िक कंपोजिंग मोहित शर्मा ने की हैं। इस गाने में प्रताप कुमार और सौम्य अहम किरदार में नज़र आएँगे।

गौरी का रूप रंग देखकर एक आशिक उसका दीवाना हो गया हैं और उसकी मीठी मीठी बोली प्रेमी को बहुत प्यारी लगती हैं। घूँघट करके गौरी अपने घर से बाहर निकल रही हैं और मोरनी सी चाल ने कई आशिको का दिल घायल कर दिया हैं।

Ghane Gajab Ki Chhori Song Lyrics

अरे तू घणे गजब की छोरी मैंने लागे जी ते प्यारी
तेरे चढ़ रहिया रंग जवानी का तू दिखे मैंने कुंवारी
अरे तू घणे गजब की छोरी मैंने लागे जी ते प्यारी

हां रेड सूट में लागे क्यूट सज धज के जद चाले
ये फूल रे सै गाल तेरे कमर पे चोटी हाले
तू पांच सात की हाइट लेरी तेरी खूशबू सबते न्यारी
अरे तू घणे गजब की छोरी मैंने लागे जी ते प्यारी

मारण लाग्या गांव को सिटी गजबण खास होरी सै
आशिका में बैरण की या घणी तलाश होरी सै
अरे कुणसा ठेकेदार पटाया रोज श्रृंगार कर जारी
अरे तू घणे गजब की छोरी मैंने लागे जी ते प्यारी

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