गिरकानी भाभी | Jaji King, Ruchika Jangid | Lyrics

देव कुमार देवा निर्देशित हरियान्वी एल्बम सॉन्ग गिरकानी भाभी में आवाज जाजी किंगरुचिका जांगिड़ ने दी हैं। इस गाने के बोल सोनू डुंगरिया ने तैयार किए हैं जबकि म्यूज़िक जी.आर म्यूजिक ने दिया हैं। सोनू डुंगरिया, और हिमांशी गोस्वामी ने इस लेटेस्ट गाने में अपनी अहम भूमिका निभाई हैं।

परियो से भी सुंदर गौरी का रूप रंग और गांव की सारी बहुओ में वो सबसे अलग हैं। उसकी एक झलख देखने के लिए आशिक गौरी के घर के बाहर उसका इंतजार करते रहते हैं और उसके आगे पीछे घूमते रहते हैं। जब वो मटक मटक चलती हैं तो उसका जोबन बल खा रहा हैं और बड़े से लेकर छोटे तक की निगाह उसी पर ही टिकी हुई हैं।

Girkani Bhabhi Song Lyrics

परीया ने माफ़ करे अंबर ते उतरी लागे से
म्हारे गाँव की सब बहुआ में तू तो सुथरी लागे से

ओ नाश जले तेरे शर्म नही क्यो रोब जमावे से
या उम्र मेरे गिरकने की क्यो नज़र लगावे से

मटक-मटक के जब चाले तेरा जोबन यो बल खावे से
तेरे ढुन्गे चोटी लटके भाभी इतनी क्यो इतरावे से
धम-धम करती चाले चाले सबके आगे से
म्हारे गाँव की सब बहुआ में तू तो सुथरी लागे से

मेरी भी सुनले छोरे क्यो ज़्यादा इतारवे से
मेरे ओढ़ण-पहेरण के दिन से क्यो छोऱे बात बनावे से
चालूगी मैं तो ओढ़-पहेर तू के चाहावे से ज
म्हारे गाँव की सब बहुआ में तू तो सुथरी लागे से

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