हुस्न | Amit Dhul,Shinam Katholic | Lyrics

अमित ढुल और शीनम कैथोलिक की आवाज़ में हुस्न हरियानवी गीत सोनोटेक कैसेट्स में प्रस्तुत़ हुआ हैं। इस गीत के बोल अमित शर्मा ने लिखे हैं और म्यूज़िक कंपोजिंग मिस्टर बूटा सिंह ने की है। पवन गिल्ल द्वारा निर्देशित गाने में विक्की मान व शिवानी राघव अहम किरदार में नज़र आएँगे।

गौरी की मटकनी चाल को देखकर आशिक आशिक उसके आगे पीछे घूम रहे हैं और पुरे गांव में बस उसी के हुस्न के चर्च चल रहे हैं। उसकी तिरछी नजर ने आशिको का दिल लूटा लिया है और सब उसके प्यार में पागल हो गए हैं। उसकी अदाओं ने आशिक को दीवाना बना दिया हैं।

Husan Song Lyrics

तेरी चाल मटकनी देखके बैरण गांव बिराणा हो जागा
तू काबू करले तेरा हुस्न ना कोये हुलहाना हो जागा

मेरी चाल देख मेरे गाल देख इब क्यों तू राड लगावे सै
या छोरी ना तेरे काबू आन की जिसने फ़साना चाहवे सै

खावे माल तू भर भरके यो मेरा कालजा माचे सै
मर मर के ढुंगे मारे खड़ी छात पे नाचे सै
दिल में बसगी रहया ना जाता खोट मेरा यो जागा
तू काबू करले तेरा हुस्न ना कोये हुलहाना हो जागा

सारे छोरे करे ट्रीय इब तने के भा दूंगी
जे आड़ा टेड़ा बोल्या तो ये हाड तेरे तुडवा दूंगी
या छोरी ना तेरे काबू आन की जिसने फ़साना चाहवे सै

इब तो मानजा जान मेरी या बात बताना चाहू सु
जींद शहर में राज करेगी प्यार जताना चाहु सु
जे खड़ीकड़िये में फंसगी तो तेरा माल पुराना हो जागा
तू काबू करले तेरा हुस्न ना कोये हुलहाना हो जागा

तेरे प्यार के चक्कर में पड़गी हां पागल दिल तने करलिया काबू
भूल गई तेरे अमित ने ऐसा कटकड़िये तेरा चाल्या जादू
या छोरी ना तेरे काबू आन की जिसने फ़साना चाहवे सै

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