जखम | TR Panipat | Lyrics

हरियान्वी एल्बम के न्यू सॉन्ग में आवाज टी.आर पानीपत ने दी हैं। जखम गाने के बोल बंटू सिंघल ने तैयार किए हैं जबकि म्यूज़िक टी.आर ने दिया हैं। जानू राखी, रचना तिवारी और रवि हर्ष राखी ने इस गाने में अपनी अहम भूमिका निभाई हैं। इस गाने का निर्देशन जानू राखी ने किया हैं।

प्रेमिका से धोखा खाने पर आशिक पागल सा हो गया हैं उसे ढूंढ़ता हुआ सडको पर घूम रहा हैं। प्रेमिका ने खुद ही उसकी तरफ प्रेम का पहला प्रस्ताव रखा था और अब पैसो के चक्कर में उसका दिल तोड़के चली गई हैं। प्रेमिका प्रेमी के दिल को जखम देती रही और बेचारा उन जखमो को सहता ही चला गया हैं। प्रेमी को प्रेमजाल में फंसाकर ना जाने किस से अपना रिश्ता जोड़ लिया हैं।

Jakham Song Lyrics

तने आपे कदम बढ़ाया था अब कुंसी बात से तू डरगी
जा तेरे नाम का मैं मरगया और मेरे नाम की तू मरगी

मैं देख कदे ना पावा था तेरी आंख्या में पानी
इब रोए जाउ एकला तने कर के याद मरजानी
जो दिल तेरे ते लाया था उस दिल ने जादू ख्यो करगी
जा तेरे नाम का मैं मरगया और मेरे नाम की तू मरगी

तू दिल में जखम देती रही सारे जखम मैं सहेता रहा
ताने सचे दिल से चाहा था मेरा प्यार अधूरा रह गया
प्यार मेरा ठुकरा के बैरन दौलत पे तू क्यो मरगी
जा तेरे नाम का मैं मरगया और मेरे नाम की तू मरगी

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