जोबन भरी मटकी | Tarun Panchal | Lyrics

तरुण पांचल की आवाज़ में जोबन भरी मटकी हरियानवी गीत एन.डी.जे म्यूजिक में प्रस्तुत़ हुआ हैं। इस गीत के बोल सतीश कुमार ने लिखे हैं और म्यूज़िक कंपोजिंग टी.आर पानीपत ने की हैं। दबंग लबरू निर्देशित गाने में विक्रम सुरजनवास अहम किरदार में नज़र आएँगे।

सारे गांव में लड़की के रंग रूप के चर्च हो रहे हैं उसकी मस्तानी चाल को देखकर आशिक़ उसके पीछे घूमते रहते हैं। उसकी मीठी मीठी बाते लोगो को प्यारी लगती हैं उसकी नशीली आँखों ने लोगो का घायल कर रखा हैं। उसकी जोबन की भरी मटकी से सब अपनी प्यास बुझाना चाहते हैं।

Joban Bhari Matki Song Lyrics

तेरी जोबन भरी मटकी या बैरण कड़े रे फूटेगी
चंडीगढ़ लुटेगी रे चंडीगढ़ लुटेगी

सारे गांव में मरजाणी तेरा होरया रुका रोला
फैशन के में चूर रहे तू राखे से मुंह से धोला
मैंने बतादे आज या बिजली कड़े रे टूटेगी
चंडीगढ़ लुटेगी रे चंडीगढ़ लुटेगी

चौबारे में तू दिखे रे जब भर दे सारी गाल रे
इन छोरा का के कहना बूढ़ा की दबके राल रे
ओली सोली न्यू डोले जणू गाड़ी छूटेगी

तेरा हंस के बोलना यो करवावेगा नाश रे
देख बावला होग्या तने विकर्म सूरज वान रे

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