खंडवा | GD Kaur | Lyrics

जी.डी कौर की आवाज़ में खंडवा हरियानवी गीत सोनोटेक कैसेट्स में प्रस्तुत़ हुआ हैं। इस गीत के बोल रोहताश गगसीनिया ने लिखे हैं और म्यूज़िक कंपोजिंग वीराज बंधू ने की हैं। राज गुर्जरद्वारा निर्देशित गाने में अंजलि राघव और ढिल्लू झरवारी अहम किरदार में नज़र आएँगे।

प्रेमिका रिश्ते जोड़ने की बाते करती हैं वही प्रेमी कुछ भी नहीं सोचता समझता है। प्रेमिका अपने खानदान की नाक कटना नहीं देना चाहती हैं और पुरे गांव में उसके परिवार की अच्छी छवि बानी हुई हैं। उसे इश्क़ से पहले उसके पिता की इज्जत प्यारी हैं और वो कभी भी ऐसा काम नहीं करेगी जिससे उसके पिता की इज्जत पर दांग लगे।

Khandwa Song Lyrics

मैं सु पढ़ी लिखी छोरी तू तो कण भी ना सोचे
तोड़े रिश्ते ते रिश्ते निभाने की ना सोचे
दोनों कुलवा की नाक मैं कटा नहीं सकती
तेरे प्यार ते भी प्यारा बाबू आला खंडवा
उस खंडवे के दांग मैं लगा नहीं सकती

मेरे कुल देख धाक सारे गाम में
देखा बणजागा पल में मजाक सारे गाम में
मैं नीची नाड खानदान की करा नहीं सकती
तेरे प्यार ते भी प्यारा बाबू आला खंडवा
उस खंडवे के दांग मैं लगा नहीं सकती

रस्मे रिवाज मैं छोड़ नहीं सकती
मेरे भाया के गरूर ने मैं तोड़ नहीं सकती
माँ मेरी के दूध ने मैं लेजा नहीं सकती
तेरे प्यार ते भी प्यारा बाबू आला खंडवा
उस खंडवे के दांग मैं लगा नहीं सकती

प्यार तेरे भतेरा देवे रोहतास गगसीनिया
तू कर या ना कर विश्वास दकक्षणीये
तेरे इश्क़ में रिश्क मैं उठा नहीं सकती
तेरे प्यार ते भी प्यारा बाबू आला खंडवा
उस खंडवे के दांग मैं लगा नहीं सकती

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