म्हारी गाल | Paul Smith, Poonam Mastana | Lyrics

पॉल स्मिथ और पूनम मस्ताना की आवाज़ में म्हारी गाल हरियानवी गीत एम.जी रिकॉर्ड्स में प्रस्तुत़ हुआ हैं। इस गीत के बोल पॉल स्मिथ ने लिखे हैं और म्यूज़िक कंपोजिंग अंजीप लकी ने की हैं। इस गाने में कुमार विनोद और सविंधा मलिक अहम किरदार में नज़र आएँगे।

गांव की लड़की सोलहा श्रृंगार आशिको को गली में से गुजरती हैं और रोज अपने आशिक का लहू जलाती हैं। उसके रंग रूप को देखकर गांव के लड़के उसके आगे पीछे घूमते रहते हैं और वो किसी के भी प्रेम जाल में नहीं फंस रही हैं। अपनी तिरछी नजर से उसने आशिको का दिल घायल कर रखा हैं और उसके हुस्न की चर्चा पुरे में गांव में चल रही हैं।

Mhari Gaal Song Lyrics

म्हारी गाल के मा आती जाती ना ल्याय कर फेरी
या छोरे कट कट मरजांगे सौदा मारण आला लेरी

ओ लाग्या साल का सुता आगी जवानी चढ़के
तेरे वरगे छोरे की घणी आंख्या में रड़के

रे बालकपण में बिगड़ गया तू काटे घणी हंगाई सै
रे करू गजबण मेरे मन तू ही भाई सै
थारे कुलवे भी मैं भी तो रे बहु भतेरी आई सै
हाय रे बैरण काळजे में तने आग लगाई सै
कद का देखु बाट तेरी तू कदसी मौका दे रही
म्हारी गाल के मा आती जाती ना ल्याय कर फेरी

सारा दिन तू ठाला फिरे सै पागल गाने गाता
के बिगड़ा तेरा तने देखु आता जाता
कोई खराबी आंख्या में तेरी हांडे सै मटकाता
रे बावली रहवेगी तू तने कुछ ना आता जाता
मैं के करू ना समझा पागल स्वाद तू मेरे लेरी
म्हारी गाल के मा आती जाती ना ल्याय कर फेरी

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