पागल | Iqbal Chandana | Lyrics

इकबाल चन्दन की आवाज़ में पागल हरियानवी गीत सोनोटेक कैसेट्स में प्रस्तुत़ हुआ हैं। इस गीत के बोल आर.के गोरखेड़ी ने लिखे हैं और म्यूज़िक कंपोजिंग सोनू दुगेश्वर जी ने की है। विजय राठौड़ द्वारा निर्देशित इस गाने में आकाश चौधरी और गीत अरोड़ा अहम किरदार में नज़र आएँगे।

प्रेमी के प्यार में पागल हो कर प्रेमिका नाच रही हैं और जब तक धरती हिल नहीं जाती उसके पांव रूकते ही नहीं हैं। प्रेमी भी अपनी गौरी को बहुत प्यार करता हैं और ओ दो जिस्म एक जान तरह उनका दिल हैं। गौरी को हँसता देख प्रेमी मन ही मन बड़ा खुश होता हैं और उसके दुनिया वालो का खौफ भी लगा रहता हैं। प्रेमी के बिना प्रेमिका का जीवन किसी काम नहीं हैं।

Pagal Song Lyrics

आँख तो से पर दिखता कोन्या फिरू ढाल मैं आँधी की
ओह असा गीत कोई लिखा के देदे मेरी उम्र बीत जांदी की

ओ तेरे प्यार में पागल होई नाचू या जबतक हाले ना धरती ना
ओ जीन मैने तू देता ना और मैं मरजानी मरती ना

ओ दो जिस्म एक जान बने मैने दर्द करलिय सांझे ते
ताने हंसता देख मैने पैरा में घुंघरू बांध्या थे
हाय तेरा बैरी खोफ़ सतावे मैं दुनिया से डरती ना
ओ जीन मैने तू देता ना और मैं मरजानी मरती ना

तेरे बिना किस काम का मेरा जोबन सत्यानशी हे
घने अंधेरे गये गाम में कद आवे पूरणमासी हे
हाय लाज कहो तेरी जोगन पर कोई प्यार मेरे सा करती ना
ओ जीन मैने तू देता ना और मैं मरजानी मरती ना

ओह इतना तो मैने बेरा जिस दिन बचगी मैं तेरे भीतर
बसनजा बर्फ यरिया ई और फूल खिलेगे कीकर में

अन्य हरियान्वी गाने :