परी | Yusuf Khan | Lyrics

परी हरयान्वी गाना सनी सेर्दा, शीला हरयाणवी, बिट्टू लोचब और नेहा अभिनीत एक मजेदार वीडियो ट्रैक है। हरयान्वी एल्बम हिट्स का यह गाना युसूफ खान ने गाया हैं। इस लेटेस्ट गाने का म्यूज़िक जी.आर ने कंपोज किया व गाने के बोल राहुल पिल्लूखेड़ा ने लिखे हैं।

पिया अपनी की गौरी की बात करते हुये उसके गुणों को चर्चा कर रहा हैं। कैसे गौरी अपना घर का कामकाज करते हुए एक बहु होने पर फर्ज निभा रही हैं अपनी माँ जैसी साँस का की सेवा करना पिता समान ससुर का आदर सम्मान करना और अपना पति धर्म निभाती हैं। जब भी पिया लेट जाता हैं गौरी उसका इंतजार करती रहती हैं और जबसे गौरी ससुराल के आँगन में कदम रखा हैं पिया के घर में किसी भी चीज की कमी नहीं आई हैं।

Pari Song Lyrics

देसी गाँवडू यार से तू वा गयी बोलर मारके
याद ना आई परी रे वा अंबर ते लाई तार के
भूलगया उसने परी रे वा अंबर ते लाई तार के

मा के पैर दबावे वा बापू का हुक्का भरदे से
एक बोल पे मरजानी वा जान हाथ पे धार दे से
दोन्यू की जोड़ी पे मा पीवे पानी वार के
याद ना आई परी रे वा अंबर ते लाई तार के
भूलगया उसने परी रे वा अंबर ते लाई तार के

घरा लेट जद जाउ मैं पावे देखती वा बाट मेरी
खेत कमावे गेल मेरी वा बहू ना गेल खाट मेरी
जिस दिन आई आँगन में रे कमी ना रही यार के
याद ना आई परी रे वा अंबर ते लाई तार के
भूलगया उसने परी रे वा अंबर ते लाई तार के

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