प्राइवेट रोब्ब | Manbir Singh | Lyrics

प्राइवेट रोब्ब हरियाणवी गाने में आवाज मनबीर सिंह ने दी हैं। गाने का म्यूजिक बूटा सिंह ने कम्पोज किया हैं। बी.एस माण्डल्य ने गाने बोले हैं। अतुल शर्मा और शिवानी अभिनीत गाने का निर्देशन राजू मलिकपुरिया ने किया ।

कबूतर बाजी और घोड़ेसवारी यार का शौक हैं। उसका उसका रोब्ब इतना की दुश्मनो की आँखों में हमेशा मौत का डर बना रहता और उसके द्वारा तोड़े गए रूल दुबारा नहीं बनते हैं। बदमाशी तो उसने बचपन में खेलके छोड़ दी।

Private Robb Song Lyrics

दुश्मन की आंख्या में मौत बरगा खौफ से यार का
काँधे पे रखी दोनाल पराईवेट रोब्ब यार का

बने नहीं दुबारा बैठे जो रूल यार ने तोड़ दिए
बदमाशी की बात करे मैंने खेल खेल के छोड़ दिए
कबूतर बाजी घोड़ेसवारी सै शौक यार का
काँधे पे रखी दोनाल पराईवेट रोब्ब यार का

पढ़न लिखण के बिन थे आज लागे रे पोस्टर थाने में
सब चलदे और वेली लगजा में कर्फु हरियाणे में
काँधे पे रखी दोनाल पराईवेट रोब्ब यार का

तू काल का कुतरु सा बैठे मोर खिलाडी दंगल का
एच डी दनोदे आला भी यो खुला शेर से जंगल का
काँधे पे रखी दोनाल पराईवेट रोब्ब यार का

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