राँझा | Praveen Rao | Lyrics

प्रवीण राव की आवाज़ में राँझा हरियानवी गीत सोनोटेक कैसेट्स में प्रस्तुत़ हुआ हैं। गीत के बोल प्रवीण राव ने लिखे हैं। गाने में संजय राव, मनप्रीत कौर और मंदीप बोपारी अहम किरदार में नज़र आएँगे।

प्रेमिका के दूर चले जाने से प्रेमी का बुरा हाल हैं और रात दिन उसी के ख्यालो में रहता हैं। उसकी यादो में तड़पते हुए पागलो की तरह ढूंढ रहा हैं। अपने दिल को समझाते हुए उसकी यादो में दिन काट रहा हैं और उससे मिलने के लिए दिल बेकरार हैं।

Ranjha Song Lyrics

इश्क़ में राँझा हुआ मगर वो हीर ना हुई
कभी मुझसे खुदा रूटा कभी तकदीर ना हुई

मैंने भी आप को कागज पे उतारा हैं
दर्द हैं जितना दिया नाम उसका छुपाया हैं
छुपाना लाज में हुआ लभज को फील दे कोई
कभी मुझसे खुदा रूटा कभी तकदीर ना हुई

इश्क़ में राँझा हुआ मगर वो हीर ना हुई
कभी मुझसे खुदा रूटा कभी तकदीर ना हुई

रब्ब की वजह से तुम मिले किसी के वजह से तुम गए
टूटे तारा तुझे मांगलू सायद फिर से हम मिले
दिल को समझाता हुआ खुद को हैरत सी हुई
कभी मुझसे खुदा रूटा कभी तकदीर ना हुई

इश्क़ में राँझा हुआ मगर वो हीर ना हुई
कभी मुझसे खुदा रूटा कभी तकदीर ना हुई

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