रोज निखरती आवे | AK Tyagi , Jyoti Jiya | Lyrics

अतुल शर्मा निर्देशित हरियान्वी एल्बम सॉन्ग रोज निखरती आवे में आवाज ए.के त्यागीज्योति जिया ने दी हैं। गाने के बोल ललित कटारिया ने तैयार किए हैं जबकि म्यूज़िक शिवा स्टूडियो ने दिया हैं। रेणु चौधरी, विक्रम चौहान, ललित कटारिया और निशा ने इस लेटेस्ट गाने में अपनी अहम भूमिका निभाई हैं।

प्रेमिका की निखरती जवानी को देखकर प्रेमी की नियत उस पर बिगड़ रही हैं और पुरे गांव में उसके हुस्न के चर्च चल रहे हैं। उसकी नीली नीली आँखों ने कई आशिको को दीवाना बना रखा हैं। उसके प्यार के चक्कर में प्रेमी पागल हो रहा हैं।

Roj Nikhrti Aave Song Lyrics

रोज निखरती आवे से के ल्यावे से तड़के उठके
तेरी आंख्या का आशिक सु बैरण छोड़ देखना मुड़के

तू घनी करे सै चर्चा मेरी या आछी बात नहीं सै
या हाथ किसी के ना आणी जोबन की कली खिली सै

राम जी ने तेरे हुस्न का चाहाला फाड़ दिया
भरी कोयले की खान में यो हीरो गाड़ दिया

हां मान जा ने मरजाने क्यों इतना पागल होरया
गुड़गांव में इतनी छोरी क्यों मेरे पे नियत डगोरिया

साचा करू सु प्यार तेरे ते नू मैं तेरा होरया
इस गबरू छोरे जैसा ना कोई तू बेसक करले धोरा

तिलक कटारिया मान गयी तेरी झूठी कलम नहीं सै
ललित कटारिया ते प्यारी मैंने कोई चीज नहीं सै

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