साँझ सवेरा | Naresh Salwania, Rajmani | Lyrics

विजय राठौड़ द्वारा निर्देशित हरियान्वी एल्बम सॉन्ग साँझ सवेरा में आवाज नरेश सलवानिया व राजमणि ने दी हैं। गाने के बोल नरेश सलवानिया ने तैयार किए हैं जबकि म्यूज़िक सी.के पांचाल ने दिया हैं। अजय पांचाल और सोनिका सिंह ने इस लेटेस्ट गाने में अपनी अहम भूमिका निभाई हैं।

सुबह का उजाला हो जाने पर भी पिया अपनी गौरी को छोड़ नहीं रहा हैं और अपने आप से दूर नहीं जाने दे रहा हैं। वही गौरी अपने घरवालो के डर जल्द-जल्द घर पहुंचना चाहती हैं और उससे दुबारा मिलने का वादा कर रही हैं। पिया का अपनी गौरी का बिना किसी भी काम मन नहीं लग हैं।

Sanjh Sawera Song Lyrics

मैंने साँझ से होया सवेरे हो ना पेटा भरता तेरा हो
मैंने इब घर भी जाना सै
हो नाटन का तू मरजाने तेरा काम पुराना सै

मैं भूल्या सुबह शाम ने रे तू घडती मूर्त राम ने रे
जोबन का काला रे
क्यू कर देदू जान तने यो पड़ रहिया पाला रे

ओ सर पे चढ़ता आवे सूरज समझ मेरी मजबूरी हो
जावन ने जी करता कोन्या जाना पड़े जरुरी हो
मेरा भाई स्याणा से
हो नाटन का तू मरजाने तेरा काम पुराना सै

बात बात में रात बीतगी फाट्या कोन्या बैरा रे
मन की पूरी होइ कोन्या होग्या तेरा सवेरा रे
ना गुड़ का राला रे
क्यू कर देदू जान तने यो पड़ रहिया पाला रे

अन्य हरियान्वी गाने भी देखे :