शीशा | Deepak Mor, Kavita Shobu | Lyrics

शीशा हरियानवी गीत में दीपक मोर और कविता शिवि ठाकुर मुख्य किरदार में नज़र आएँगे। यह एक लेटेस्ट हरियानवी वीडियो ट्रैक हैं, जिसमे आवाज़ दीपक मोर व कविता शोभु ने दी हैं। सोनू राठी की क़लम से गाने के बोल लिखे गये हैं व दीपक मोर ने गाने का म्यूज़िक कंपोज किया है।

गौरी सज धज सोलहा शृंगार करके अपने आप को शीशे में निहारत रहती हैं। वही पिया उसे देखकर लड़ता रहता हैं लेकिन गौरी अपनी जिद्द पर अड़ी हुई हैं और खुद को शीशे देखती रहती हैं। उसी इस आदत रोज रोज की आदत से पिया परेशान हो गया हैं।

Shisha Song Lyrics

क्यों तनी खड़ी सै या तेरे शौक लाग जा
मैं शीशा देखूंगी जरूर चाह मेरे टोक लाग जा

हा श्रृंगार विंगर ना चाल्या कर फोटो कोई तेरा उतार ले
मेरे बस की बात कोन्या चाह जी ते मार ले
जे पड़ जागी काली जगह धाम का झोट लागजा
मैं शीशा देखूंगी जरूर चाह मेरे टोक लाग जा

या ही उम्र सै गिरकावन की खेलन और खावण की
मैंने सोच लिया टीबा उठावन की मैंने मारण और मरावण की
तू करदे बड़ाई मेरे प्यार का शौक लाग जा
मैं शीशा देखूंगी जरूर चाह मेरे टोक लाग जा

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