सूरत | Mukesh Ranoliya | Lyrics

मुकेश रनोलिया की आवाज़ में सूरत हरियानवी गीत अल्का म्यूजिक में प्रस्तुत़ हुआ हैं। इस गीत के बोल मुकेश रनोलिया ने लिखे हैं और म्यूज़िक कंपोजिंग वाशु स्टूडियो ने की हैं। इस गाने में कुलदीप और आरती शर्मा अहम किरदार में नज़र आएँगे।

गौरी घूँघट करके अपनी सूरत नहीं दिखा रही हैं और घूँघट में शर्मा रही हैं। ठंडी ठंडी हवा की लहर में गौरी की जुल्फे बिखरी रही हैं और नागिन की तरह बल खाके चल रही हैं। उसकी क्यूट मुस्कान का प्रेमी दीवाना हैं और उसके आगे पीछे घूम रहा हैं।

Surat Song Lyrics

ओला करले छोरी सूरत ना दिखावे गौरी
यो दर्पण हो जागा फिर शर्मावेगी

ठंडी चाले या पुरवाई किते लहर में जुल्फ या खो जागी
जोबन का भरोटा री कति बल खा जागी रे
ओला करले छोरी सूरत ना दिखावे गौरी
यो दर्पण हो जागा फिर शर्मावेगी

बुण बुण तू कति राम ने हुस्न का जलवा छा जागा
तेरी भोली सूरत पे कति हंसना सुहाजागा
ओला करले छोरी सूरत ना दिखावे गौरी
यो दर्पण हो जागा फिर शर्मावेगी

जब तन पे लागे हवा का झोखा लहर जु बल खाजा री
तेरी दिल की गली मुकेश छनिया छा जा री
ओला करले छोरी सूरत ना दिखावे गौरी
यो दर्पण हो जागा फिर शर्मावेगी

अन्य हरियान्वी गाने: