टकरार | Vinu Gaur, Rajbala Nagar | Lyrics

हरियान्वी एल्बम का टकरार, जो की एक मजेदार सॉन्ग हैं, इसमे आवाज वीनू गौर और राजबाला नागर ने दी हैं। गाने के बोल सतीश सिवानी ने तैयार किए हैं जबकि म्यूज़िक वि.आर ब्रॉस ने दिया हैं। विक्की सिवनी और मिस निशा ने इस गाने में अपनी अहम भूमिका निभाई हैं।

गौरी अपने पिया की दारू पीके आने की आदत से परेशान हो गई हैं और रोज दोनों को टकरार होती हैं। दारू पीके आने पर पिया को किसी बात का होश नहीं रहता हैं और गांव घर को सिर पर उठा लेता हैं। उसकी इन हरकतों को बढ़ता देख गौरी अपने पीहर चले जाने की धमकी दे रही हैं और फिर कभी दोबारा उसकी चौखट पर कदम नहीं रखेगी।

Takrar Song Lyrics

तू पीके दारु आवे सै तेरा छोड़ चली घर बार ने
पीहर के चक्कर में गौरी भूल गई भरतार ने

पीके दारु आवे सै तू रोज उलाहने ल्यावे सै
ऐ दस की पीके आया सु घर ने सिर पे उठावे सै
घर का चो बिगड़ जागा आपस की टकरार में
पीहर के चक्कर में गौरी भूल गई भरतार ने

सलाद कदे तू ल्याती ना धरे दे मिर्च रगड़के ने
सारे गांव में इकट्ठा करले सोवे रोज झगड़के ने
ओ खान पीन की कमी नहीं क्यों राड करे बेकार ने
पीहर के चक्कर में गौरी भूल गई भरतार ने

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